मंगलवार, 25 दिसंबर 2012

अशोक दास बने वाणिज्यिक कर अपीलेट बोर्ड के अध्यक्ष

1 जनवरी को डीएस माथुर के स्थान पर ग्रहण करेंगे पदभार
भोपाल 24 दिसम्बर, 2012। राज्य सरकार ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से रिटायर हुये आईएएस अशोक दास को मप्र वाणिज्यिक कर अपीलेट बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे आगामी 1 जनवरी को वर्तमान अध्यक्ष रिटायर्ड आईएएस डीएस माथुर का स्थान लेंगे।
वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, अशोक दास की अध्यक्ष पद पर नियुक्ति निश्चित शर्तों के अधीन रहेगी। इन शर्तों के अनुसार,अध्यक्ष के रुप में श्री दास का कार्यकाल पांच वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु जो भी पहले हो, तक रहेगी। उन्हें सेवानिवृत्ति के पूर्व प्राप्त हो रही सभी सुविधायें जैसे मकान, वाहन, यात्रा भत्ता, चिकित्सा सुविधा, दूरभाष, छुट्टी, यात्रा रियायत, अवकाश आदि प्राप्त होते रहेंगे। इसी प्रकार श्री दास को सेवानिवृत्ति के पूर्व प्राप्त हो रहे वेतन में से पेंशन की राशि को कमम करते हुये शेष राशि वेतन के रुप में देय होगी। इस वेतन राशि पर राज्य शासन द्वारा समय-समय पर स्वीकृत मंहगाई भत्ता देय होगा, किन्तु पेंशन पर मंहगाई राहत की पात्रता नहीं होगी। नियुक्ति पूर्णकालिक होने के कारण बोर्ड के अध्यक्ष के रुप में श्री दास अन्य कोई व्यवसाय कार्य, सेवा आदि नहीं कर सकेंगे। श्री दास की अन्य सेवा शर्तें शासन की समस्त सामान्य सेवा-शर्तों के अनुरुप होंगी।
ज्ञातव्य है कि अशोक दास ने ही इंदौर पेंशन घोटाले की जांच की थी तथा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को मेयर के रुप में दोषी पाया था। वे आयुक्त वाणिज्यिक कर भी रहे हैं।
सेक्शन राईटर के पद अब नहीं भरे जायेंगे :
इधर राजस्व विभाग के तहत जिला कार्यालयों में मप्र जिला कार्यालय कार्यवाही निर्देशिका के अध्यास 16 के तहत पदस्थ होने वाले अनियत लेखकों यानी सेक्शन राईटर्स के पद समाप्त कर दिये गये हैं। ऐसा 29 अक्टूबर,2010 से किया गया है। इस तारीख से पूर्व नियुक्त सेक्शन राईटर्स को 130 रुपये प्रतिदिन विश्राम दिवस को काटकर निश्चित पारिश्रमिक दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा उन्हें न्यूनतम वेतन अधिनियम,1948 के अंतर्गत कुशल श्रमिक के समान परिवर्तनशील मंहगाई भत्ते के साथ पारिश्रमिक दिये जाने की भी मंजूरी प्रदान की गई है। ज्ञातव्य है कि सेक्शन राईटर्स हाथ से नकल बनाने का काम किया करते थे तथा अब कम्प्यूटर और फोटोकापी की मशीन आ जाने के कारण सेक्शन राईटर्स की जरुरत नहीं रह गई है।
मुरैना नगरपालिका का विस्तार होगा :
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मुरेना नगर पालिका का सीमा विस्तार करने का निर्णय लिया है। इसमें बीस ग्राम पंचायतों के 21 गांव सम्मिलित किये जायेंगे जिनका कुल रकबा 13 हजार 93 दशमलव 394 हेक्टेयर होगा। एक माह बाद यह सीमा विस्तार अधिकृत रुप ले लेगा।

- डॉ. नवीन जोशी 

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