शुक्रवार, 21 दिसंबर 2012

टेक्सटाइल परियोजनाओं को विशेष पैकेज


शासकीय सेवकों द्वारा दो माह के वेतन से अधिक की जंगम संपत्ति के लेन-देन की सूचना देनी होगी वरिष्ठ प्राधिकारी को, वरिष्ठ जन आयोग का गठन, 108 एम्बुलेंस सेवा का विस्तार, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में 5125 नये पद
भोपाल 21 दिसंबर 2012। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज संपन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में प्रदेश में 25 करोड़ एवं इससे अधिक पूँजी निवेश की टेक्सटाइल परियोजनाओं को विशेष पैकेज की स्वीकृति दी गई। इसके अनुसार टेक्सटाइल परियोजनाओं को 5 प्रतिशत की दर से 5 वर्ष के लिए ब्याज अनुदान और कम्पोजिट टेक्सटाइल परियोजनाओं को 7 प्रतिशत की दर से 5 वर्ष के लिए ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
टेक्सटाइल सेक्टर की संपूर्ण मूल्य संवर्धन श्रंखला में 8 वर्ष के लिए उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना का लाभ दिया जाएगा। कॉटन जिनिंग मिल को तैयार माल के विक्रय पर चुकाये गये केन्द्रीय विक्रय कर के समतुल्य राशि की सहायता दी जाएगी। स्पिनिंग मिल को कच्चे माल के क्रय पर चुकाये गये वेट एवं तैयार माल के अंतर्राज्यीय विक्रय पर चुकाये गये केन्द्रीय विक्रय कर के समतुल्य राशि की सहायता दी जाएगी। इसी प्रकार कपड़ा निर्माण इकाई को कच्चे माल के क्रय पर चुकाये गये वेट के समतुल्य और तैयार वस्त्र निर्माण इकाई को तैयार माल की बिक्री पर चुकाये गये वेट एवं केन्द्रीय कर के समतुल्य राशि की सहायता दी जाएगी।
जंगम सम्पत्ति के लेन-देन की जानकारी
मंत्रि-परिषद् ने निर्णय लिया कि प्रत्येक शासकीय सेवक को स्वयं अपने नाम से या कुटुंब के किसी सदस्य के नाम से ऐसी जंगम संपत्ति के प्रत्येक लेन—देन के संबंध में रिपोर्ट विहित प्राधिकारी को दी जाएगी जिसका मूल्य उसके दो माह के मूल वेतन से अधिक हो। यह निर्णय प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा चतुर्थ श्रेणी के सभी शासकीय सेवकों पर लागू होगा।
वरिष्ठ जन आयोग
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 11 अप्रैल 2012 को वृद्धजन पंचायत में की गई घोषणा के परिपालन में मंत्रि-परिषद् ने प्रदेश में वरिष्ठ जन आयोग के गठन का निर्णय लिया। आयोग में एक अध्यक्ष और चार सदस्य होंगे।
आयोग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का चिन्हांकन किया जाएगा। उनके कल्याण और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जो अभ्यावेदन, आवेदन और सुझाव प्राप्त होंगे उनका समग्र रूप से अध्ययन कर आयोग आदर्श वृद्धजन नीति का प्रारूप प्रस्तुत करेगा। आयोग वरिष्ठ जन पुनर्वास नीति के लागू होने के बाद समय-समय पर उसकी समीक्षा कर उसके क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए सुझाव देगा।
इसका मुख्यालय भोपाल में होगा। आयोग का प्रशासकीय विभाग सामाजिक न्याय विभाग होगा। 
108 - एम्बुलेंस सेवा का विस्तार
मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा खरीदे गये 352 नये एम्बुलेंस वाहनों का उपयोग न्यूनतम आवश्यक फेब्रीकेशन के साथ 108 एम्बुलेंस सेवा के लिए किये जाने की अनुमति दी। 108 एम्बुलेंस सेवा के लिये 150 नये वाहन डीजीएस एण्ड डी रेट कान्ट्रेक्ट पर क्रय कर जीवीके ईएमआरआई को देने की अनुमति दी गई। मंत्रि-परिषद ने जीवीके ईएमआरआई के अनुबंध के स्थान पर एक नया अनुबंध निष्पादित करने की अनुमति दी। एम्बुलेंस सेवा को ''संजीवनी-108'' नाम देने का निर्णय लिया गया।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में 10 जिलों में 102 वाहन के माध्यम से आपातकालीन त्वरित चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवायी जा रही है। इसके माध्यम से पिछले 4 वर्ष में 4 लाख मरीज को अस्पताल पहुँचाया गया और लगभग 30 हजार रोगियों की जान बचायी गयी।
सेवा की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने सभी 50 जिलों में इसका विस्तार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 352 अतिरिक्त एम्बुलेंस वाहन खरीदे जायेंगे। सेवा के लिए जीव्हीके ईएमआरआई संस्था के साथ अनुबंध को पुनरीक्षित किया गया है। इसमें सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के विशेष प्रावधान किए गए हैं। नगरीय क्षेत्रों में 20 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस घटना स्थल पर मौजूद हो सकेगी। सेवा की मॉनीटरिंग के लिए राज्य स्तर पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य तथा जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में नये पद
मंत्रि-परिषद् ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के ढाँचे को सुदृढ़ करने के लिए इसमें 5,125 नवीन पद स्वीकृत किए। ग्रामीण विकास विभाग के विभिन्न संगठन/योजनाओं में इन पदों से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थी की जाएगी। इनकी वेतन व्यवस्था इन संगठन/योजनाओं तथा राज्य मद से की जाएगी।
विकास आयुक्त कार्यालय में मुख्य अभियंता के स्थान पर प्रमुख अभियंता का पद स्वीकृत किया गया। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में मुख्य अभियंता के 3 क्षेत्रीय, कार्यालय जबलपुर, इंदौर और भोपाल, 17 नवीन कार्यपालन यंत्री कार्यालय तथा 30 नवीन उप संभागीय कार्यालय स्वीकृत किए गए हैं।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में सृजित किए जा रहे उप यंत्री के 2738 नवीन पद में से 80 प्रतिशत अर्थात 2190 पद की नियुक्ति ''अल्प अवधि सेवा भर्ती नियम'' बनाकर की जाएगी। उप यंत्री के 548 तथा सूचना प्रौद्योगिकी के 669 पद को संविदा के आधार पर भरा जाएगा। सृजित किए जा रहे नवीन पदों एवं पूर्व से रिक्त पदों को विभागीय भर्ती नियमानुसार, सीधी भर्ती और पदोन्नति से भरा जाएगा।
नये अपर कलेक्टर
मंत्रि-परिषद् ने जबलपुर, ग्वालियर, सिंगरौली, अलीराजपुर, उज्जैन और बैहर में अपर कलेक्टर का एक-एक और इंदौर और भोपाल में दो-दो पद स्वीकृत किये।
भूमि आवंटन
मंत्रि-परिषद् ने मंदसौर जिले की शामगढ़ नगर पालिका परिषद् को बस स्टेण्ड निर्माण के लिए 10 हजार 329 वर्ग मीटर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया। यह आवंटन वित्तीय वर्ष 2012-13 के अनुसार व्यवसायिक बाजार दर पर परिगणित कर 50 प्रतिशत प्र-ब्याजि और 7.5 प्रतिशत वार्षिक भू-भाटक लेकर किया जाएगा।
मंत्रि-परिषद् ने मेसर्स डी बी पॉवर (मध्यप्रदेश) लिमिटेड को 2X660 मेगावाट क्षमता (प्रथम चरण) की ताप विद्युत परियोजना की स्थापना के लिए ग्राम गोर्गी, तहसील देवसर, जिला सिंगरौली में 81.61 हेक्टेयर राजस्व भूमि मध्यप्रदेश राज्य (ताप विद्युत संयंत्रों की स्थापना) भूमि प्रबंधन नियम-2011 की शर्तों के अनुसार आवंटित करने का निर्णय लिया।
मंत्रि-परिषद् ने मेसर्स झाबुआ पॉवर लिमिटेड को 1X600 मेगावाट क्षमता (प्रथम चरण) की ताप विद्युत परियोजना की स्थापना के लिए ग्राम गोरखपुर, तहसील घंसोर जिला सिवनी में 1.36 हेक्टेयर राजस्व भूमि मध्यप्रदेश राज्य (ताप विद्युत संयंत्रों की स्थापना) भूमि प्रबंधन नियम-2011 की शर्तों के अनुसार आवंटित करने का निर्णय लिया।
हायर सेकेण्डरी स्कूल में नवीन पद संरचना
मंत्रि-परिषद् ने हायर सेकेण्डरी स्कूल में नवीन पद संरचना लागू करने का निर्णय लिया। इसके लागू हो जाने पर हायर सेकेण्डरी स्कूल में वरिष्ठ अध्यापक/संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1 के न्यूनतम 8 के स्थान पर 10 पद हो जाएँगे। हायर सेकण्डरी स्कूल में उच्च श्रेणी शिक्षक/अध्यापक/संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 के पद पद-संरचना में शामिल नहीं होंगे। अध्यापन का कार्य व्याख्याता/वरिष्ठ अध्यापक/संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1 द्वारा ही किया जाएगा। भविष्य में खोले जाने वाले हाई स्कूल की पद-संरचना में केवल 6 वरिष्ठ अध्यापक/संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1 के ही रखे जायेंगे।
अन्य निर्णय
मंत्रि-परिषद् ने निर्णय लिया कि सिविल सेवा के रिक्त 5 प्रतिशत से अधिक सीधी भर्ती के पदों को भरने की स्वीकृति के प्रस्ताव प्रशासकीय विभाग द्वारा सीधे वित्त विभाग को भेजे जाएँगे। वित्त विभाग के परीक्षण के बाद स्वीकृत करने अथवा प्रशासकीय विभाग एवं वित्त विभाग के मत में भिन्नता होने पर उन्हें मंत्रि-परिषद् को प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया निर्धारित की जाए। वर्तमान में इसके लिए प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग की अध्यक्षता में गठित समिति की व्यवस्था है।
मंत्रि-परिषद् ने संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के यांत्रिकी प्रकोष्ठ के लिए गैर-तकनीकी अमले के 54 नवीन पद सृजन करने का निर्णय लिया।
मंत्रि-परिषद् ने डॉ. संतोष अस्थाना, चिकित्सा अधिकारी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुहाना, जिला ग्वालियर में पदस्थी के दौरान की गई अनियमितताओं के कारण उनकी पेंशन में से 10 प्रतिशत राशि एक वर्ष तक काटने का निर्णय लिया।
डॉ. एम.के. जोशी, तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी गैस राहत भोपाल के पद पर पदस्थी के दौरान की गई वित्तीय अनियमितताओं के कारण उनकी 50 प्रतिशत पेंशन स्थायी रूप से वापस लेने का निर्णय लिया गया।

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