
मध्यप्रदेश में ऑन-लाइन सेवाएँ लेने रुझान बढ़ा
छह महीनों में आए 3.26 लाख आवेदन
भोपाल 4 नवंबर 2011। सिटीजन चार्टर सिस्टम को लागू करने और इस पर अमल की मुस्तैदी दिखा चुके मध्यप्रदेश में लोग सरकारी सेवाएँ लेने तेजी से आगे आ रहे हैं। लोक सेवा प्रबंधन को असरदार बनाने के लिये राज्य सरकार ने एक अतिरिक्त सुविधा ऑन-लाइन आवेदन की भी जुटाई है। इसके प्रति लोगों के बढ़ते रुझान के नतीजे में बीते छह महीनों में कुल 3 लाख 26 हजार 885 आवेदन विभिन्न दफ्तरों को मिले थे। उल्लेखनीय तौर पर तयशुदा वक्त में 2 लाख 81 हजार 623 आवेदक आसानी से सेवाएँ ले चुके हैं।
लंबित मामले निपटते हैं दो-तीन दिन में
लोक सेवा प्रबंधन के तहत अपनाई गई रणनीति का एक और प्रबल और महत्वपूर्ण पक्ष लंबित आवेदनों को निपटाने के लिए निश्चित सिर्फ दो से तीन दिन की अवधि है। उल्लेखनीय है कि लोक सेवाओं के लिये पदाभिहीत अधिकारी समेत तीन स्तरों पर कार्रवाई होती है। इसके चलते तयशुदा वक्त में नहीं निपटने वाले मामलों का अगले स्तर पर निराकरण होता है। इसी नीति के मुताबिक कार्रवाई करते हुए तयशुदा वक्त बीतने के बाद भिन्न स्तरों पर जहाँ 2,646 अन्य आवेदकों को भी सेवाएँ दी गईं, वहीं इसके बाद शेष बचे 28 हजार 610 आवेदनों में सिर्फ दो से तीन दिनों में सेवाएँ दी गई हैं।
त्रुटिपूर्ण आवेदन ही होते हैं खारिज
ऑन-लाइन आवेदनों में भी आवश्यक जानकारियाँ देने में त्रुटि या अधूरी जानकारी निराकरण में बाधा बनती है। इस दौरान 5,064 आवेदनों को तकनीकी त्रुटियों के चलते खारिज कर दिया गया। इसी तरह अधूरे आवेदनों की संख्या 8,948 थी। सभी सेवाओं को लेकर आवेदकों को वांछित जानकारी देने के लिये कहा गया है। इस बारे में लोक सेवा प्रबंधन राज्य मंत्री श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह ने भी बार-बार अपील की है।
Date: 04-11-2011
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