शुक्रवार, 4 नवंबर 2011

भ्रष्टाचार की शिकायतों के चलते उपयंत्रियों को जोन से हटाया

भ्रष्टाचार की शिकायतों के चलते उपयंत्रियों को जोन से हटाया
उज्जैन, 03 नवंबर 2011 (डॉ. अरुण जैन)। नगर निगम के प्रभारी कार्यपालन यंत्री पीएल टटवाल और मुकुंद पटेल से बुधवार को आयुक्त महेशचंद्र चौधरी ने सभी मैदानी काम छीन लिए हैं। टटवाल को निगम मुख्यालय में जनगणना और पटेल को गंभीर डेम पर अटैच किया है। लोकायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर टटवाल के खिलाफ निलंबन और पटेल की सेवा समाप्ति के लिए कार्रवाई शुरू हो गई है। टटवाल और पटेल के खिलाफ लोकायुक्त में निगम तथा सिंहस्थ कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के अनेक प्रकरण विचाराधीन हैं। पटेल के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज है। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लोकायुक्त द्वारा कई बार निगम को पत्र भेजे गए लेकिन कार्रवाई तो नहीं हो सकी बल्कि इन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप दी गई। टटवाल को हाल ही में सिंहस्थ 2016 की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। इन अधिकारियों के खिलाफ डामर कांड, पावडर कांड जैसे मामले बहुचर्चित रहे हैं। निगमायुक्त महेशचंद्र चौधरी ने दो हफ्ते पहले लोकायुक्त जांच की परिधि में आए अधिकारियों की फाइलें खुलवाई थी। उन्होंने लोकायुक्त पुलिस से भी रिपोर्ट मांगी थी। बुधवार को एसपी लोकायुक्त की रिपोर्ट मिलने के बाद आयुक्त ने टटवाल और पटेल को मैदानी कामों से हटा दिया है। इसकी रिपोर्ट राज्य शासन और लोकायुक्त को भेज दी गई है। जोन कार्यालयों में पदस्थ उपयंत्रियों के बीच भवन अनुज्ञा का विकेंद्रीकरण किया जाएगा। भवन अनुज्ञा देने में भ्रष्टाचार की शिकायतों के चलते उपयंत्रियों के कामों में फेरबदल किया जा रहा है। इसके आदेश जल्दी जारी होने की संभावना है। आयुक्त ने उपयंत्री सुनील जैन को कॉलोनी सेल से हटा दिया है।

Date: 03-11-2011

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