
नई दिल्ली। जिन फलों और सब्जियों को आप सेहतमंद रहने का नुस्खा मानते हैं उन्हीं में ऐसा जहर घुला है जो आपके शरीर को धीरे-धीरे करके खोखला कर रहा है। इस जहर से आपको कैंसर हो सकता है, आपका नवज़्स सिस्टम बिगाड़ सकता है। आपकी सैक्स पॉवर के खत्म करके ये आपको बीमारियों का घर बना सकता है।
जी हां, इस सच्चाई से दिल्ली हाई कोटज़् भी परेशान है। दरअसल फसल को खराब होने से बचाने के लिए किसान जिस मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वो जरूरत से कहीं ज्यादा है। उससे भी खतरनाक बात ये है कि जिन कीटनाशकों का इस्तेमाल हो रहा है, वो बैन हैं। दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में 5 तरह के कीटनाशकों पर पूरी तरह से बैन लगा हुआ है लेकिन इन प्रतिबंधित कीटनाशकों में से 4 का हमारे देश में धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। दिल्ली के एनजीओ कंज्यूमर वॉयस के एक सवेज़् में ये खुलासा हुआ है। फलों और सब्जियों में प्रतिबंधित कीटनाशकों के धड़ल्ले से इस्तेमाल पर कंज्यूमर वॉयस की इसी रिपोटज़् पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाईकोटज़् कोटज़् ने चिंता जताई है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हम ये जानना चाहेंगे कि क्या दिल्ली में बिक रही सब्जियों में कीटनाशक है, अच्छा होगा कि सब्जियां अचानक खरीदी जाएं और उन्हें मान्यता प्राप्त लैबोरेट्री में जांच के लिए भेजा जाए। अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार को कहा है कि वो पांच हफ्ते के अंदर जांच रिपोटज़् कोटज़् में जमा करवाएं।
सेहत देने वाली सब्जियों और तंदुरुस्त करने वाले फलों में जिन प्रतिबंधित कीटनाशकों का भारत में धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा हैं वो क्लोरडैन, एंड्रिन, हेप्टाक्लोर और इथाइल पैराथीओन हैं। ये कीटनाशक दुनिया के ज्यादातर हिस्सों समेत भारत में भी बैन हैं। लेकिन ये बाजार में आसानी से मिल जाते हैं।
एनजीओ कंज्यूमर वॉइस की रिपोटज़् के मुताबिक भारत में फलों और सब्जियों में कीटनाशकों की मात्रा यूरोपीयन यूनियन के मानदंडों के मुकाबले 750 गुना ज्यादा है।
- क्लोरडैन के इस्तेमाल से आदमी नपुंसक हो सकता है, ये सेंट्रल नवज़्स सिस्टम को प्रभावित करता है, इसके अलावा इससे खून की कमी और ब्लड कैंसर जैसी बीमारी हो सकती है, ये बच्चों में भी कैंसर की वजह बन सकता है।
- एंड्रिन के इस्तेमाल से सिरददज़्, सुस्ती और उलटी जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
- हेप्टाक्लोर से न सिफज़् लीवर खराब होता है बल्कि प्रजनन क्षमता पर भी असर पड़ता है।
- वहीं, इथाइल पैराथीओन से पेट ददज़्, उलटी और डायरिया होना तय है।
जहर का इन डोज का इस्तेमाल ना सिफज़् सब्जियों में बल्कि फलों में भी किया जाता है। फलों पर किए गए सवेज़् में पाया गया है कि केला, सेब और अंगूर समेत बाजार में बिकने वाले 12 फलों में कीटनाशकों की मात्रा तय मानदंडों से कई गुना ज्यादा पाई गई है।
गौरतलब है कि लोगों की सेहत से हो रहे इस खिलवाड़ को रोकने के लिए कड़े नियम कायदों की जरूरत है लेकिन खाने की थाली में परोसे जा रहे इस स्लो पॉइजन को रोकने के लिए सरकार कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 30 सालों में कीटनाशकों के इस्तेमाल को लेकर कोई समीक्षा नहीं हुई है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें