बुधवार, 9 मार्च 2011

उज्जैन में होगा अंतर्राष्ट्रीय वेद सम्मेलन

उज्जैन में होगा अंतर्राष्ट्रीय वेद सम्मेलन
उज्जैन, 09 मार्च 2011 (डॉ. अरुण जैन)। भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए वैदिक संस्कृति और संस्थानों को मजबूत करना होगा। इसके लिए विद्धानों से चर्चा कर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के वैदिक विश्वविद्यालय की स्थापना द्वारका या वाराणसी में की जानी चाहिए। यह निर्णय राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर द्वारा सर्किट हाउस में देश भर से आए विद्धानों के साथ हुई एक समन्वय बैठक में किया गया। वैदिक विश्वविद्यालय तिरूपति के कुलपति प्रो.एस.सुदर्शन शर्मा से राज्यपाल ने कहा कि वैदिक विद्वानों से विचार-विर्मश कर विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु कार्यवाही प्रारम्भ की जाए। बैठक में वाराणसी में विश्वविद्यालय की स्थापना पर सहमति बनी। यह भी तय किया गया कि अन्तर्राष्ट्रीय वेद सम्मेलन 2012 में उज्जैन में आयोजित किया जाए। राज्यपाल ने स्थानीय विद्वानों तथा संस्थाओं क्रमश: विक्रम विश्वविद्यालय, संस्कृत ज्योतिर्विज्ञान एवं वेद अध्ययनशाला, महॢष सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, महॢष पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थाओं में परस्पर समन्वय स्थापित करने और हर माह बैठक करने को भी कहा। बैठक में वैदिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार के लिए भी विद्धानों ने सुझाव रखे। बैठक में राज्यपाल के सचिव जे.एन.मालपानी, संभागायुक्त टी.धर्माराव, कलेक्टर डॉ.एम.गीता, नई दिल्ली के प्रो.सत्यव्रत शास्त्री, कुलपति प्रो.टी.आर.थापक, महाकाल मंदिर प्रशासक आनंदीलाल जोशी, डॉ.चंद्रकान्त द्विवेदी, स्वदेश अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
Date: 09-03-2011 Time: 15:46:25

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