आका को देख छलकी खुशियां
उज्जैन, 08 मार्च 2011 (डॉ. अरुण जैन)। बोहरा समाज के धर्मगुरू डॉ. सैयदना साहब सोमवार को शहर पधारे। उनके दीदार के लिए हजारों लोग करीब दो घंटे पहले से नानाखेड़ा स्टेडियम पहुंच चुके थे। सैयदना साहब के आगमन पर सभी की आंखें नम हो गई। भावनाओं में बहते हुए सभी ने उनकी उम्रदराजी के लिए दुआ मांगी। स्टेडियम में विशाल मंच बनाया गया था। जैसे ही उन्होने अपने चिर परिचित अंदाज में हाथ उठाया, हजारों लोगों की आंखों से भावनाओं के आंसू बह निकले। जहां से उपस्थित जनसमुदाय ने उनके दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद कार द्वारा कमरी मार्ग स्थित मजारे नजमी ले जाया गया। कई लोगों ने उनकी कार के पीछे दूर तक दौड़ लगाई।
सैयदना साहब का परिवार भी आया- सैयदना साहब के साथ शहजादे मुफद्दल भाई साहब सहित परिवार के कई सदस्य भी आए हैं, जिन्हें कमरीमार्ग स्थित मजार-ए-नजमी में ठहराया गया है। भोजन की व्यवस्था परिसर में ही की गई है तथा भोजन बनाने के लिए बाहर से लोग आए हैं।
समाजजनों के यहां मेहमानों का जमावड़ा सैयदना साहब के दीदार के लिए स्थानीय समाजजनों के यहां मेहमानों का जमावड़ा लग गया। बाहर से करीब 15 हजार लोग यहां पहुंचे हैं, जो अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरे हैं। हालांकि भोजन के लिए समाज की ओर से कमरीमार्ग स्थित बुरहानी हाल में व्यवस्था की है।
100 की आकृति बनाकर छोड़े गुब्बारे - नानाखेड़ा स्टेडियम पर हेलीपेड के पास तैयबी स्कूल के 500 बच्चों ने सैयदना साहब के 100वें जन्मदिन की खुशी में 100 की आकृति बनाई और आकामौला के आते ही आसमान में रंगीन गुब्बारे छोड़े। बच्चे सुबह 10 बजे से स्टेडियम पहुंच गए थे, जो पूरे समय अनुशासन में बैठे रहे।
मजार-ए-नजमी में वाअज की तैयारी - सैयदना सा. बुधवार (9 मार्च) को मजार-ए-नजमी परिसर में वाअज (प्रवचन) फरमाएंगे। वाअज का दुनियाभर में लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। संभवत: वे सुबह 11 बजे वाअज देंगे। फिलहाल समय की घोषणा नहीं की गई है।
सैयदना साहब राजकीय अतिथि - सैयदना साहब को मप्र शासन ने राजकीय अतिथि का दर्जा दिया है। एडीएम प्रकाश रैवाल ने कमरी मार्ग बोहरा कंपाउंड में 8 मार्च को अपर तहसीलदार सुनील पाटिल, 9 को नित्यानंद पांडे व 10 मार्च को केसी तिवारी की ड्यूटी लगाई।
ईंट भट्टे वालों ने की शिकायत - ईट भट्टा संघर्ष समिति के अध्यक्ष कैलाश प्रजापति, छगनलाल चक्रवर्ती ने एसपी सतीश सक्सेना से सैयदना साहब से मिलने की अनुमति मांगी लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते मिलने नहीं दिया। पदाधिकारियों ने सैयदना साहब के नवासे साहब को बुलाकर उनका अभिनंदन कर ज्ञापन सौंपकर बाकिरअली रंगवाला की शिकायत की।
Date: 08-03-2011
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