बुधवार, 9 मार्च 2011

प्रदेश में हर दिन महिला दिवस होगा- शिवराजसिंह चौहान

प्रदेश में हर दिन महिला दिवस होगा- शिवराजसिंह चौहान

सभी अवसरों और जिम्मेदारियों में सरकार महिलाओं के साथ, कन्या को बोझ नहीं वरदान बनाना मिशन, महिला सशक्तीकरण दिवस में शामिल हुए मुख्यमंत्री
Bhopal: Tuesday, March 8, 2011: मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में हर दिन महिला दिवस होगा। उन्होंने कहा कि विकास की पहली शर्त महिलाओं का सम्मान है। वह परिवार, समाज, प्रदेश और देश कभी प्रगति नहीं कर सकता जहाँ पर महिलाओं का आदर नहीं होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को इस बात का गर्व है कि यहाँ पर बिना किसी भेदभाव के हर दिन, हर पल माताओं, बहनों और बेटियों के विकास के प्रयास हो रहे हैं। श्री चौहान आज स्थानीय समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा और रानी अवंतिबाई वीरता पुरस्कार के विजेताओं और महिला विधायकों को सम्मानित किया। उन्होंने 14 नन्हीं बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना के हित-लाभ-पत्र भी भेंट किए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे माता, बहनों और बेटियों के चेहरे पर आँसू नहीं मुस्कान बिखेरने को संकल्पित है। यह उनका मिशन है कि माता-पिता के लिए बेटियाँ बोझ नहीं रहें। इसीलिए जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक के सभी शुभ-अशुभ अवसरों और जिम्मेदारियों में सरकार महिलाओं के साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से परिवर्तन दिखाई भी देने लगा है। प्रदेश में वर्तमान में जन्म लेने वाले बच्चों में कन्याओं की संख्या बढ़ रही है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। संस्थागत प्रसव की दर जो पहले प्रति 100 पर मात्र 24 थी अब बढ़कर 81 हो गई है। पंचायत और नगरीय निकायों में 56 प्रतिशत महिला प्रतिनिधि है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने बाल्यावस्था में महिलाओं के प्रति भेदभाव पूर्ण व्यवहार और अत्याचार को देखा है। तभी से उनका यह भाव था कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिये कार्य करेंगे। सांसद के रूप में मिलने वाले भत्ते का उपयोग क्षेत्र में बेटियों के विवाह में किया। मुख्यमंत्री बनने पर कन्याओं को बोझ नहीं वरदान बनाने के मिशन के साथ कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना का निर्माण किया तो उसका काफी विरोध हुआ लोगों ने कहा कि खजाना खाली हो जाएगा। किन्तु हमने स्पष्ट कर दिया कि बेटियों के लिए खजाने में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश में योजना अंतर्गत 6.56 लाख बेटियों को लाड़ली लक्ष्मी बनाया जा चुका है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश विधानसभा की महिला विधायक श्रीमती उमा देवी, श्रीमती ललिता यादव, श्रीमती नीना विक्रम वर्मा, श्रीमती नंदनी मरावी, श्रीमती प्रतिभा सिंह, श्रीमती गीता उइके, श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ और श्रीमती कलाबाई प्रजापति को शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
राजामाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार विजेता श्रीमती संतोष सोनी और रानी अवंति बाई वीरता पुरस्कार विजेता श्रीमती नीतू अग्रवाल को शॉल,श्रीफल,प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिन्ह और एक लाख रूपए पुरस्कार के रूप में प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत नन्ही बालिका गौरी पुत्री ऋतु, ऋतिका पुत्री डॉली, नंदनी पुत्री अनिता, सोनम पुत्री नीना, कविता पुत्री संध्या, आस्था पुत्री श्वेता, सरिता पुत्री रीना, उमरा पुत्री रेहाना, दिव्यांशी पुत्री कंचन, इल्मा पुत्री फिजॉ, मोनिषा पुत्री वीनू, रिया पुत्री राजकुमारी, ऋतिका पुत्री चेतना और मुस्कान को राष्ट्रीय बचत पत्र प्रदान किए गए।
महिला-बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती रंजना बघेल ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी, उषाकिरण और धात्री आदि योजनाओं के संचालन से मध्यप्रदेश की देश में विशिष्ट छवि बनी है। इन योजनाओं से महिलाएँ स्वावलंबी, सक्षम और आत्म-निर्भर हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रयासों को नई उँचाई दी है। इस वर्ष विभाग के बजट में 45 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। लाड़ली लक्ष्मी योजना पर चालू माली साल में करीब 430 करोड़ रूपये व्यय किए गए।
प्रारंभ में अतिथियों ने दीप जला कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सुश्री सुहासिनी जोशी ने वंदे-मातरम् और म.प्र.गान का गायन किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री बी.आर.नायडू, संचालक श्री अनुपम राजन और बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित थीं।
Date: 09-03-2011

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