डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया जाना समर्पण नहीं अपितु षडयंत्र
डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया जाना
*समर्पण* नहीं अपितु *षडयंत्र* की राजनीति -प्रभात झा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सांसद प्रभात झा ने माननीय सुप्रीमकोर्ट के केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त (सी.वी.सी.) की नियुक्ति को निरस्त करने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होने कहा कि सुप्रीप कोर्ट ने कांग्रेसनीत यूपीय सरकार और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को आईना दिखा कर दिया है और इस फैसले से यह बात साबित होती है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में किस प्रकार केन्द्र सरकार देष के साथ आर्थिक एवं राजनैतिक षडयंत्र करती आई है।
प्रभात झा ने कहा कि डॉ म़नमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया जाना ??समर्पण?? नहीं अपितु ??षडयंत्र?? की राजनीति थी। उन्होने कहा कि आज सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस देष के साथ जो आपराधिक व्यवहार कर रही है उसे देष की जनता देख रही है और आगामी चुनावों में जनादेष कांग्रेस को उसकी सही जगह पहुंचा देगा।
प्रभात झा ने कहा कि वास्तव में यूपीए सरकार ने नैतिकता और लोक लाज को दफन कर दिया है। 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में जहां केंद्र सरकार को पौने दो लाख करोड़ रु क़ा चूना लगाया गया, वहीं राष्ट्रकुल खेल आयोजन में 70 हजार करोड़ रु क़ी राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी। पी.जे. थामस को केंद्रीय सतर्कता आयोग का अध्यक्ष बनाने के पीछे केंद्र सरकार की क्या मंशा थी। पी.जे. थामस राज्य सचिव खाद्य की हैसियत से पाम आईल घोटाला में आठवें अभियुक्त बनाये गये थे। बाद में उन्हें केंद्र में दूरसंचार मंत्रालय में पूर्व संचार मंत्री ए.राजा. के साथ सचिव भी बनाया गया और 2-जी स्पेक्ट्रम के मामले में इनका पूरा दखल रहा है। उन्होने कहा कि उच्चतम न्यायालय का फैसला कांग्रेस के भयावह भ्रष्ट चेहरे और नीतियों का प्रमाणीकरण है।
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