शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर अब तक 1240 वृक्ष काटे
भोपाल, 7 मार्च 2011। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की देश में पहचान हरियाली के कारण है, मगर शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर अब तक 1240 वृक्ष काटे जा चुके हैं तथा 1118 वृक्ष और काटे जाने हैं।
जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (जेएनयूआरएम) के तहत भोपाल कम सौंदर्यीकरण के लिए सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस कार्य में बाधक आ रहे वृक्षों को काटा जा रहा है। सोमवार को विधानसभा में कांग्रेस के विधायक आरिफ अकील के सवाल के जवाब में नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर ने बताया कि जेएनयूआरएम योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण में बाधक बन रहे 2358 वृक्ष को काटने की अनुमति ली गई है।
जवाब में आगे बताया गया है कि अब तक 1240 वृक्ष काटे जा चुके हैं, वहंी 1118 वृक्षों को काटा जाना शेष है। गौर ने नगर निगम भोपाल द्वारा इन वृक्षों को काटने से होने वाले पर्यावरण के नुकसान की भरपाई के लिए उठाए गए कदमों का हवाला देते हुए कहा है कि निगम ने वृक्षारोपण के लिए वन विभाग को 66 लाख रुपए दिए हैं।
वन विभाग ने शाहपुरा पहाड़ी पर 6000 पौधे भी रोपे हैं, जिनमें से 5932 पेड़ जीवित हैं। इन वृक्षों की तीन वर्ष तक सिंचाई, सुरक्षा व रखरखाव की जिम्मेदारी वन विभाग की है।
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