भोपाल-सागर इंटरसिटी शीघ्र प्रारंभ की जाये
भोपाल 30 जनवरी 2011। प्रमुख रेलों का स्टापेज बढ़े और लंबित मांगों का त्वरित निराकरण हो, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने, प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री को पत्र लिखा
पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि बुन्देलखण्ड के केन्द्र बिन्दु सागर के महत्व को ध्यान में रखते हुये भोपाल से सागर इन्टरसिटी रेल सेवा तत्काल शुरू की जाये। श्री भार्गव ने यह पत्र हाल ही में सागर में हुये जनआंदोलन के संदर्भ में लिखा है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि बुन्देलखण्ड के विकास के लिए न केवल राज्य सरकार बल्कि समय-समय पर केन्द्र सरकार ने भी शीर्ष स्तर पर चिन्ता जताई है। बुन्देलखण्ड पैकेज के माध्यम से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की भी पहल हुई है। उन्होंने कहा कि विकास की हर कोशिश तब तक सार्थक सिद्ध नहीं होगी जब तक कि इस क्षेत्र को आवागमन के सुलभ साधनों से न जोड़ा जाये। श्री भार्गव ने कहा कि वर्तमान में बुन्देलखण्ड रेल सेवा के मामले में सर्वाधिक उपेक्षित है। बुन्देलखण्ड के केन्द्र बिन्दु सागर को अगर रेल सेवा से जोड़ा जाये तो विकास की दिशा में तथा बुन्देलखण्ड के रहवासियों के हित में यह एक बड़ा फैसला होगा। श्री भार्गव ने हाल ही में सागर में भोपाल तथा सागर इंटरसिटी शुरू करने तथा वर्तमान रेलों के स्टापेज बढ़ाने के साथ ही रेल विभाग से जुड़ी अन्य लंबित मांगों को लेकर जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों द्वारा किये गये आंदोलन का जिक्र करते हुये कहा कि पूर्व सूचना के बावजूद भी मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्थित रेलवे प्रबंधन में इसे गंभीरता से नहीं लिया। श्री भार्गव ने कहा कि इससे बुन्देलखण्ड की जनता ने यह महसूस किया कि रेलवे प्रशासन इस क्षेत्र के विकास के प्रति गहन उपेक्षा का भाव रखता है। इससे जनता में आक्रोश का भाव है।
श्री भार्गव ने कहा कि इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान बुन्देलखण्ड के साथ हो रहे इस अन्याय की तरफ आकर्षित करना चाहता हूँ। मैं आपसे और रेल मंत्री से यह अपेक्षा करता हूँ कि वह बुन्देलखण्ड को आवागमन से जोड़ने के लिये जनभावनाओं एवं जनप्रतिनिधियों की आशाओं के अनुरूप तत्काल प्रभाव से रेल सेवा शुरू की जाये, प्रमुख रेलों के स्टापेज बढ़ाने तथा अन्य लंबित मांगों का त्वरित निराकरण किया जाये, ताकि केन्द्र की मंशा के अनुरूप बुन्देलखण्ड क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो सके।
Date: 30-01-2011
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें