रविवार, 30 जनवरी 2011

पाला प्रभावित किसानों के पैकेज के लिये 13 फरवरी से धरना, उपवास करेंगे मुख्यमंत्री

पाला प्रभावित किसानों के पैकेज के लिये 13 फरवरी से धरना, उपवास करेंगे मुख्यमंत्री
हर साल हर जिले में लगेंगे अंत्योदय मेले, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अंत्योदय मेले में बाँटे हितग्राहियों को सहायता-अनुदान के चेक

भोपाल 30 जनवरी 2011। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने केन्द्र सरकार से फसल बीमा योजना में किसानों को ईकाई मानने, पाला प्रभावित किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंकों के ऋण की वसूली स्थगित करने और इस वर्ष का ब्याज माफ करने और फसलों के लिए लाभकारी मूल्य घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पाला प्रभावित किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा मांगी गई राहत राशि नहीं मिलने और उपरोक्त मांगें नहीं माने जाने पर वे 13 फरवरी से उपवास कर केन्द्र के किसान विरोधी रवैया के विरोध में धरना देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूँ पर 100 रूपये प्रति क्विटंल बोनस अगले वर्ष भी जारी रहेगा। प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि दिलाने के लिए केन्द्र से संघर्ष की शुरूआत की जायेगी।
श्री चौहान आज यहाँ स्थानीय भेल दशहरा मैदान में आयोजित प्रदेश के दूसरे अंत्योदय मेले में आये हितग्राहियों को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि शासकीय योजनाओं का लाभ एक साथ वितरित करने और हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश में जिलावार अंत्योदय मेलों की शुरूआत की गई है। प्रदेश का पहला मेला रीवा में आयोजित हुआ था। भोपाल में आयोजित दूसरे अंत्योदय मेले में 1 लाख 40 हजार हितग्राहियों को 128 करोड़ की अनुदान सहायता राशि वितरित की गई।
श्री चौहान ने कहा कि फसल बीमा योजना के अन्तर्गत सभी प्रकार की फसलों को शामिल करने की पहल की जाएगी। उन्होंने कहा है कि वे शीघ्र ही प्रधानमंत्री और संबंधित केन्द्रीय मंत्री से भेंट कर पाला प्रभावित किसानों के लिए विशेष पैकेज की मांग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय मेले की तैयारियों और आयोजन से जुड़े शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को सोमवार को अवकाश मिलेगा। उन्होंने प्रतीक स्वरूप हितग्रहियों को मंच पर विभिन्न विकास योजनाओं के अंतर्गत सहायता और अनुदान राशि के चैक प्रदान किये।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में महात्मा गांधी की पुण्य-तिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और पं दीनदयाल उपाध्याय एवं गांधी जी के चित्रों पर मार्ल्यापण किया।
श्री चौहान ने कहा कि गरीब वर्गों की सेवा और उनकी आर्थिक समृद्धि के लिए कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय मेलों के आयोजन की श्रृंखला लगातार रहेगी। हर साल हर जिले में इन मेलों का आयोजन किया जायेगा। राज्य सरकार अपने सालाना बजट की 50 प्रतिशत राशि गरीबी उन्मूलन योजनाओं के क्रियान्वयन में खर्च करेगी।
उन्होंने गरीब वर्गों के बच्चों के लिए की गई शैक्षणिक व्यवस्थाओं की चर्चा करते हुए कहा कि पहली कक्षा से 50 रूपये छात्रवृत्ति मिलेगी और 12वीं कक्षा तक नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध कराई जायेगी। बालिकाओं को दो जोड़ी गणवेश और बालिकाओं के साथ ही बालकों को भी इस वर्ष से साइकिलें उपलब्ध करायी जायेंगी। इसी प्रकार मजदूर माताओं को डेढ़ माह की मजदूरी और 1000 रूपये पोषण आहार के लिए उपलब्ध कराये जायेंगे। बीमारी सहायता निधि भी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर गरीबों के कल्याण के लिए और भी नवाचारी योजनाएँ बनाई जायेंगी।
श्री चौहान ने पाले से हुए फसल नुकसान की चर्चा करते हुए कहा कि अकेले भोपाल जिले के प्रभावित किसानों को 43 करोड़ रूपये की राहत राशि वितरित की गई है। किसानों को किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने दिया जायेगा। उन्हें राहत देने के लिये राज्य सरकार ने अब पाँच सौ करोड़ की बजाय छह सौ करोड़ की राशि रखी है। फसलों के नुकसान का आकलन उदारतापूर्वक किया जा रहा है। आधे एकड़ में हुए नुकसान के लिए भी सहायता दी जायेगी। प्रत्येक सब्जी और फसल के नुकसान के लिए राहत राशि तय कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बीमा योजना में प्रत्येक किसान को शामिल किया जाना चाहिए और उन्हें फसल नुकसान पर बीमा की राशि मिलना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गरीबी उन्मूलन के लिए ठोस प्रयास किये हैं। अब केन्द्र सरकार के अलावा अन्य प्रदेश भी राज्य की लोकहितैषी योजनाओं का अध्ययन कर उन्हें लागू करने में रूचि दिखा रहे हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य श्री प्रभात झा ने कहा कि राज्य सरकार ने अंत्योदय और सर्वोदय के सुमेल से गरीब समुदाय के कल्याण के ठोस प्रयास किये हैं। अब विकास योजनाओं का लाभ निचले स्तर पर पहुँच रहा है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने कहा कि भोपाल जिले के लिए अंत्योदय मेले का आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि अब हितग्राहियों को सरकार के पास आने की आवश्यकता नहीं है, सरकार स्वयं उनके पास पहुँच रही है। विधायक नरेला श्री विश्वास सारंग ने स्वागत भाषण दिया।
इस अवसर पर वन मंत्री श्री सरताज सिंह, आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री विजय शाह, कृषि मंत्री श्री रामकृष्ण कुसमरिया, श्रम मंत्री श्री जगन्नाथ सिंह, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री नाना भाऊ मोहोड़, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री महेन्द्र हार्डिया, भोपाल की मेयर श्रीमती कृष्णा गौर, पूर्व मुख्यमंत्री श्री सुंदरलाल पटवा, एम पी एग्रो के अध्यक्ष श्री रामकिशन सिंह चौहान, सांसद श्री भूपेन्द्र सिंह, विधायक श्री जितेन्द्र डागा और श्री ब्रह्मानंद रत्नाकर, , म.प्र. पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री ध्रुव नारायण सिंह ,भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह, पूर्व सांसद श्री रामपाल सिंह, एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Date: 30-01-2011 Time: 18:28:51

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