
सांस्कृतिक विरासत को तोड़ने का प्रयास: भूपेन्द्र यादव
सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक पर गोष्ठी का आयोजन
भोपाल 5 नवंबर। केन्द्र सरकार द्वारा लाये जाने वाले सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक पर प्रदेश की राष्ट्रीय एकता समिति ने एक विचार गोष्ठी आयोजित की। कार्यक्रम विश्व संवाद केन्द्र की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित स्मारिका ‘‘थाती’’ के विमोचन से आरंभ हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष संस्कृति एवं जनसंपर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने स्मारिका की संपादक नेहा तिवारी का शॉल, श्रीफल से सम्मान किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता तथा भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने स्मारिका की प्रशंसा करते हुये कहा कि जो सांझी संस्कृतिक विरासत बचाने का प्रयास यह स्मारिका करती है, उसी को तोड़ने का प्रयास सांप्रदायिक हिंसा विधेयक के माध्यम से केन्द्र की यूपीए सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस देश का सबसे छोटा अल्पसंख्यक समुदाय शिक्षा के प्रतिशत में बहुसंख्यक समाज से कहीं आगे है, वहां ऐसा विधोयक निरर्थक है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक बहुसंख्यक हिन्दु समाज को जन्म से ही सांप्रदायिक हिंसा का दोषी मान लेता है। इस विधेयक के आने से छोटी से छोटी बात जैस लाउडस्पीकर पर भजन लगाने, परिचर्चा में निंदा करने अथवा अल्पसंख्यकों की धार्मिक मान्यता से असहमति प्रकट करने पर भी जेल विश्व संवाद केन्द्र, भोपाल इस अवसर पर प्रसिद्ध पत्रकार एवं शिक्षाविद् प्रो. राकेश सिन्हा ने कहा कि यह विधेयक देश के नागरिकों को दो हिस्सो में बांटता है एक ओर हिन्दू और दूसरे ओर अल्पसंख्यक। इसमें सभी बहुसंख्यक संगठनों यहां तक की रामलीला
समितियों तक को अवैध घोषित करने की व्यवस्था है। यह विधेयक केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को बिना रोकटोक बर्खास्त करने का लाइसेंस दे दता कार्यक्रम के अध्यक्ष संस्कृति एवं जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार इस विधेयक को पुरजोर विरोध करेगी और ऐसे राष्ट्र विरोधी विध्यक को हर हाल में रोकेगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि माखनलाल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री बृजकिशोर कुठियाला थे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार और राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष श्री रमेश शर्मा ने किया।
Date: 05-11-2011
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें