
पुलिस हिरासत में आत्महत्या, थाना प्रभारी सहित 3 पुलिसकर्मी निलंबित
टीकमगढ़ 6 नवंबर 2011। बीती रात लगभग 8 बजे बड़ागांव थाने में हत्या के मामले के एक आरोपी की मौत हो गई। मौत का कारण फांसी लगाना बताया जा रहा है। थाने में मौत के इस मामले में जहां पुलिस पर आरोप लग रहे है वहीं पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले को गंभीरता से देखते हुए इसकी न्यायिक जांच प्रारंभ कर दी गई है।
बड़ागांव थाना क्षेत्र के ग्राम अजनौर में 22 अक्टूबर को मनीराम लोधी का शव पेड़ से लटका मिला था। इस मामले में पुलिस ने हत्या का मामला पंजीबध्द किया था। इसी मामले में पुलिस ने उप्र के ललितपुर जिले के थाना सौजना के ग्राम बगसपुरा निवासी मोहन लाल पुत्र दयाल लोधी उम्र 60 वर्ष को गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए मोहनलाल ने गुरूवार की रात 8.30 बजे के लगभग अपनी तौलिया से फांसी लगा ली। फांसी पर लटक रहे मोहल लाल को पुलिस द्वारा जिला अस्पताल लाया गया जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर तत्काल पुलिस अधीक्षक आकाश जिंदल के साथ ही न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी मानवेन्द्र सिंह भी जिला अस्पताल पहुंच गए। मानवेन्द्र सिंह ने शव का पंचनामा बनाकर इसकी जांच शुरू कर दी है। मृतक की पीठ पर जहां खून लगा हुआ था। वहीं चोटो के निशान भी थे। इसके साथ ही उसके गले पर फंदे का निशान भी दिखाई दे रहा था।
इस संदिग्ध मामले में पुलिस के बयानों में ही एकरूपता नजर नहीं आ रही है। बड़ागांव थाना प्रभारी श्रीकृष्णदेव मिश्रा ने जहां बताया था कि उन्होंने 2 अक्टूबर को मोहनलाल को गिरफ्तार किया था और पूछताछ के दौरान उसके दिल में दर्द होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में दिखाया गया था। इसके बाद पूछताछ के दौरान ही गुरूवार की शाम 5-6 बजे के लगभग भी उसके दिल में दर्द हुआ और उसकी मौत हो गई। वहीं पुलिस अधीक्षक आकाश जिंदल ने मोहनलाल की मौत को फांसी लगाकर खुदकुशी करना बताया। इस विषय में पुलिस अधीक्षक का कहना था कि घटना के बाद से थाना प्रभारी विचलित हो गए है। इसके साथ ही थाना प्रभारी ने जहां मोहनलाल को 2 नवंबर को गिरफ्तार होना बताया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या का कारण फांसी लगाना बताया गया है।
दिन भर हुई नोंक-झोंक: मृतक के परिजनों और पुलिस के बीच दिनभर यहां नोंक-झोंक की स्थिति बनी रही। पुलिस द्वारा मोहन के परिजनों को घटना की सूचना नहीं दी गई। अन्य माध्यम से घटना की जानकारी लगने पर पूरा परिवार ही बड़ागांव थाना पहुंच गया। मौत की खबर से आक्रोशित परिजनों ने जब यहां विरोध जताया और जाम लगाने का प्रयास किया तो पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें यहां से खदेड़ दिया। इसके बाद परिजन टीकमगढ़ आए और एसपी ऑफिस के बाहर शव रखकर जाम लगाने के प्रयास में लग गए। लेकिन यहां एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बन भी तैनात कर दिया गया। परिजनों को मोहनलाल का शव भी पीएम होने की कई घंटे बाद दिया गया।
डीआईजी पहुंचे थाने, मामले का लिया जायजा: पुलिस हिरासत में आत्महत्या के मामले में एसपी आकाश जिंदल ने बड़ागांव थाना प्रभारी श्रीकष्श्ण मिश्रा, हेड कांस्टेबल इंदर सिंह और सिपाही आशीश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं इस घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश भी किए गए है। उधर छतरपुर रेंज डीआईजी वेदप्रकाश शर्मा ने एसपी आकाश जिंदल के साथ घटना स्थल बड़ागांव थाना पहुंचकर पूरे मामले का जायजा लिया।
Date: 06-11-2011
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