
नई दिल्ली। तमाम आर्थिक और वैज्ञानिक तरक्की के बावजूद नहीं बदली भारतीय पुरुष की मानसिकता। जी हां, 21वीं सदी के भारत में भी पुरुष महिलाओं को अपने पैर की जूती समझते हैं। एक अंतरराष्ट्रीय सर्वे में खुलासा हुआ है कि भारत में हर चार में से एक पुरुष अपने जीवन में यौन अपराध करता है।
लिंग समानता और व्यवहार के मुद्दे पर ये सर्वे 6 विकासशील देशों पर किया गया। सर्वे में 18 से 59 साल के लोगों को शामिल किया गया। लिंग संबंधी न्याय करने वालों की सूची में 82 फीसदी के साथ क्रोशिया पहले नंबर पर रहा। जबकि ब्राजील, चिली और मेक्सिको के 50 फीसदी पुरुष इस श्रेणी में आए।
सर्वे के मुताबिक हर पांच में से एक भारतीय पुरुष अपनी पत्नी या पाट पार्टनर से सेक्स करने के लिए जबरदस्ती करता है। 65 फीसदी से ज्यादा भारतीय पुरुष मानते हैं कि महिलाओं को परिवार को एक साथ जोड़े रखने के लिए हिंसा बर्दाश्त करनी चाहिए और कभी-कभी महिलाएं पिटने वाले काम करती हैं। गौरतलब है कि सर्वे में शामिल 6 देशों में से भारत के पुरुष सबसे निचले पायदान पर खड़े हैं।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें