उज्जैन में पाइप लाइन से मिलेगी रसोई गैस
उज्जैन, 05 मार्च 2011 (डॉ. अरुण जैन)। वह दिन दूर नहीं जब हमारे घरों में पानी की तरह रसोई गैस भी पाइप लाइन से आएगी यानी सिलेंडर के लिए नंबर लगाने, भाग-दौड़ करने, एजेंसी संचालकों की मनुहार करने या ब्लैक में लेने जैसी तमाम परेशानियों से छुटकारा। बस, बटन घुमाओ और चाहे जितनी गैस जलाओ। इतना ही नहीं वाहनों और उद्योगों के लिए सीएनजी की किल्लत भी अब खत्म होने को है। यह बदलाव आएगा अवंतिका गैस लिमिटेड का सीएनजी मदर स्टेशन लगने से। इसके लिए लंबे समय से जमीन नहीं मिल रही थी। ये समस्या हल हो जाने से प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने कंपनी को सोयाबीन प्लांट में जमीन आवंटित कर दी है। शनिवार को कंपनी को जमीन पर कब्जा मिलने की संभावना है। कंपनी के अधिकारी शुक्रवार को कब्जा लेने आए थे लेकिन कलेक्टर डॉ. एम.गीता के व्यस्त होने से कब्जे की कार्रवाई नहीं हो सकी। शनिवार को जमीन हाथ में आने पर मदर स्टेशन का काम शुरू होने की उम्मीद जागी है। कंपनी मदर स्टेशन से सीएनजी (कम्प्रेस्ड नेच्युरल गैस) की सप्लाई के साथ शहर को पीएनजी (पाइप नेच्युरल गैस) की सौगात भी देगी। एमडी प्रदीप मदान के अनुसार करीब 20 करोड़ रु. की लागत से यह प्रोजेक्ट उज्जैन में शुरू किया जाएगा। सीएनजी मदर स्टेशन 6 महीने में और पाइप लाइन से रसोई गैस की सुविधा करीब 10 महीने में शुरू होने की उम्मीद है।
अवंतिका गैस कंपनी लिमिटेड के चीफ मैनेजर संजीव नायर ने कहा कि जमीन मिलते ही मदर स्टेशन का काम शुरू हो जाएगा। 6 महीने में सीएनजी व 10 माह में पाइप लाइन से रसोई गैस देना शुरू कर सकते हैं।
Date: 05-03-2011 Time: 18:45:49
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