भोपाल। एक्सिस बैंक की फर्जी एफडी से पचास करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा करने के मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में मंगलवार को भी जबलपुर पुलिस ने एक्सिस बैंक जबलपुर के सहायक वाइस प्रेसिडेंट तथा ब्रांच हैड अमोल शिवरे को गिरफ्तार किया। अमोल के साथ-साथ इसी मामले में राजधानी से पूछताछ के लिए ले जाई गई ज्योत्सना पारे नाम की महिला को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ज्ञात हो कि आयकर विभाग द्वारा इस मामले का खुलासा करने के चार दिन बाद अमोल शिवरे ने ही क्षितिज दुबे, अजय पांडे और सतीश बाबू लोधी के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
मदनमहल जबलपुर के थाना प्रभारी श्री झारिया ने बताया कि अमोल शिवरे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार अमोल ने बैंक के मुख्य पद पर रहते हुए भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया। इससे ऐसा लगता है कि अमोल भी कहीं न कहीं परोक्ष या अपरोक्ष रूप से इस मामले को जानता था। और सारी जानकारी होने के बावजूद उसने न तो इस फर्जीवाड़े को रोकने का प्रयास किया और न ही पूर्व में पुलिस को इसकी सूचना दी।
राजधानी से गिरफ्तार कर ले जाई गई मनीषा मार्केट निवासी ज्योत्सना पारे को भी पुलिस ने आज गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। ज्योत्सना को भी न्यायालय ने दो दिन तक पुलिस रिमांड में रखने का आदेश दिया है। ज्ञात हो कि ज्योत्सना मनीषा मार्केट में पीएचक्यू की एससीआरबी शाखा में पदस्थ निरीक्षक निधि श्रीवास्तव और उसकी बहन स्वाति श्रीवास्तव के साथ रहती थी। ज्योत्सना के बैंक खाते में जावेद अहमद खान के माध्यम से एक लाख 82 हजार रुपए ट्रांसफर किए जाने के प्रमाण पुलिस को मिले हैं। ये पैसे एक्सिस बैंक के फर्जी खाते में से निकले साढ़े तीन करोड़ का ही हिस्सा थे।
निधि का यूएन मिशन पर जाना रद्द
पीएचक्यू की एससीआरबी शाखा में पदस्थ इंस्पेक्टर निधि श्रीवास्तव का यूएन मिशन पर जाना रद्द कर दिया गया है। निधि को इस मिशन पर भेजने से पूर्व अभी दिल्ली स्थित आईटीबीपी ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। सूत्रों के अनुसार इस मामले में निधि का नाम आने के बाद एडीजी प्रशासन एमएस गुप्ता के निर्देश पर डीआईजी एके मुद्गल ने आईटीबीपी कमांडेंट को पत्र लिख निधि का यूएन मिशन पर जाना निरस्त करते हुए निधि को वापिस भोपाल भेजने का कहा है।
सूत्रों के अनुसार पचास करोड़ के मामले में निधि भी संदेही है। पुलिस को ऐसे प्रमाण मिले हैं कि निधि के पिता रेवा नारायण श्रीवास्तव के एक बैंक खाते में जावेद खान ने एक लाख 82 हजार रुपए डाले थे। बाद में यही पैसा ज्योत्सना पारे के खाते में डाल दिया गया। इस पैसे में से बहुत से पैसों को निकाल कर खर्च भी कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार निधि पुलिस के एक लूपलाइन विभाग में इंस्पेक्टर थी। बावजूद इसके निधि के खर्चे शाही थे।
अपेक्स बैंक अधिकारियों पर भी कसेगा शिकंजा
एक्सिस बैंक और उसके दलालों के तार जुड़ जाने के साथ-साथ पुलिस को अपेक्स बैंक के अधिकारियों के खिलाफ भी कुछ महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं। सूत्रों के अनुसार अभी अपेक्स बैंक के तत्कालीन फंड मैनेजर टीएन भूतड़ा से पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके अलावा पचास करोड़ एक्सिस बैंक को देने के निर्णय पर उस समय अरविन्द सिंह सेंगर ने भी नोटशीट पर भूतड़ा के साथ हस्ताक्षर किए थे। सूत्रों की मानें तो पुलिस पूछताछ में जावेद और अनिल गुप्ता ने भी अपेक्स बैंक के प्रभारी एमडी सेंगर और अन्य अधिकारियों के विषय में कुछ खुलासे किए हैं। अब पुलिस इस आधार पर साक्ष्य जुटा रही है।
समिति ने शुरू की अपेक्स बैंक की जांच
सहकारिता मंत्री गोरीशंकर बिसेन के निर्देश पर सोमवार को संयुक्त आयुक्त मप्र राज्य सहकारी कृषि एवं सहकारी बैंक प्रकाश खरे की अध्यक्षता में बनाई गई जांच समिति ने मंगलवार से काम करना शुरू कर दिया है। यह समिति एक सप्ताह में सात बिन्दुओं पर अपेक्स बैंक की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
अब तक ये हो चुके हैं गिरफ्तार
0 अमोल शिवरे, ब्राच मैनेजर एक्सिस बैंक
0 क्षितिज दुबे, डिप्टी मैनेजर एक्सिस बैंक
0 अजय कुमार पांडे, एक्सिस बैंक कर्मचारी
0 सतीश बाबू लोधी, एक्सिस बैंक कर्मचारी
0 वाहिद सिद्दीकी, फर्जी खाताधारी
0 फिरदौस, वाहिद की पत्नी
0 जावेद अहमद खान, मध्यस्थ
0 अनिल गुप्ता, मध्यस्थ
0 ज्योत्सना पारे, मध्यस्थ
इन लोगों के अलावा पुलिस को निलंबित सहकारी निरीक्षक बीडी बैरागी, जबलपुर के रिटायर्ड एएसपी के पुत्र अजहर सिराज और उसकी पत्नी की अभी इस मामले में तलाश है। ये लोग मामला उजागर होते ही फरार हो गए थे।
Date 1spt2010
मेरे शहर जबलपुर में ऐसा...अफसोसजनक!
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