गुरुवार, 10 जनवरी 2013

सूचना आयोग में मुख्यसूचना आयुक्त, आयुक्त की नियुक्ति को लेकर धरना

 

भोपाल 10 जनवरी 2013(म.प्र.ब्यूरो) 
भारतवर्ष में सबसे लोकप्रिय कानून सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 सरकारी विभागों में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता स्थापित करने के लिये सरकार को बाध्य करता हैं। नागरिको के इस शक्तिशाली हथियार से मध्यप्रदेश सरकार के भ्रस्ट जिम्मेदार से लोग बेहद दुखी है और इस अधिकार को निरन्तर कुचल रहे है। वर्तमान मंे सरकार की लापरवाही के कारण मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग में मुख्यसूचना आयुक्त और समस्त 10 सूचना आयुक्त के पद रिक्त है इस वक्त आयुक्त में 10734 अपीलें और 1537 शिकायते लंम्बित है। यदि आयोग आज सक्रिय होता तो अरबों रूप्ये के कई बडे और छोटे घोटालों का खुलासा होता जिससे सरकार को आने वाले दिनों मंे 2013 के विधानसभा चुनावो में भारी दिक्कत होती ओर जनता केा जवाब देना मुश्किल पड जाता, इसलिये आयोग को अपंग कर दिया गया।

धरना दे रहे अजय दुबे का आरोप है कि मध्यप्रदेश के राज्यपाल , मुख्यमंत्री , लोकआयुक्त और विधानसभा अध्यक्ष इस अधिकार को निरन्तर कमजोर कर रहे है। आर. टी. आई. एक्टीविस्ट अजय दुबे के नेतृत्व में आज बोर्ड आफिस चैराहा पर धरना दिया गया। धरने में सैकडों की संख्या में आर. टी. आई. एक्टीविस्ट शामिल थंे जिसमे महिलाएं भी शामिल थी।

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