सोमवार, 3 अक्टूबर 2011

बापू की अहिंसावादी नीतियों से भारत की विश्व में साख बनी


बापू की अहिंसावादी नीतियों से भारत की विश्व में साख बनी
राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित
भोपाल 2 अक्टूबर 2011। राज्यपाल श्री रामनरेश यादव और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां गांधी भवन पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 142 वें जन्म दिवस पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस अवसर पर राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि आज समूचे विश्व में भारत की जो साख बनी है वह महात्मा गांधी की बताई गई अहिंसक नीतियों के अनुसरण करने का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि अहिंसा के जरिये बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। श्री यादव ने कहा कि गांधी जी का जीवन ही गांधी जी का संदेश है। यदि हम उसे अपने आचरण में उतार सकेंगे तो पूरे विश्व में राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगे। इस अवसर पर संस्कृति एवं जनसम्पर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, और स्कूल शिक्षा मंत्री श्रीमती अचर्ना चिटनीस भी उपस्थित थीं।
महात्मा गांधी के जन्म दिवस पर दो अक्टूबर को आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा के पूर्व राज्यपाल श्री यादव, मुख्यमंत्री श्री चौहान और मंत्रीद्वय श्री लक्ष्मीकांत शर्मा और श्रीमती अर्चना चिटनीस ने महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर सूत की माला और फूलों का हार पहनाकर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये। अतिथियों ने गांधी स्मृति स्थल पर भी अपनी पुष्पांजलि अर्पित की। सर्वधर्म सभा स्थल पर महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनका पुण्य स्मरण किया।
प्रार्थना सभा को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को अपना कारगर अस्त्र बनाया। आज समूचा विश्व उनका जन्म दिन विश्व अहिंसा दिवस के रूप में मनाकर उन्हें याद करता है। राज्यपाल श्री यादव ने श्री लालबहादुर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जीवन और दर्शन आत्मसात किये बगैर प्रगति और खुशहाली का लक्ष्य कभी हासिल नहीं किया जा सकता। शास्त्री जी ने जय जवान, जय किसान का जो विचार दिया था वह आज भी उतना ही प्रासांगिक है।
प्रार्थना सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केवल अधिकार की ही नहीं, अपने कर्त्तव्यों पर भी विचार करें, यही गांधी जी का बताया सच्चा रास्ता था। उन्होंने कहा कि यह चिंतन और मनन करने का दिन है। हम सब को प्रार्थना करना है , संकल्प लेना है, ऐसी शक्ति प्राप्त करना है जो हमें बापू के बताए मार्ग पर चलने में सहायक साबित हो। श्री सिंह ने कहा कि समूचे ब्रिटिश साम्राज्यवाद को बिना शस्त्र उठाये केवल विचारों की ताकत से जीतने की शक्ति रखने वाले इस महात्मा की पूरी जीवन यात्रा जन-जन के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान 26 से 30 सितम्बर 2011 तक आयोजित आओ जाने गांधी को'''''''' कार्यक्रम के तहत आयोजित पांच विभिन्न प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया। सर्वधर्म प्रार्थना सभा के तहत विभिन्न वर्गों के शांति पाठ और प्रार्थनाओं का वाचन किया गया तथा वैष्णव जन तो तेने कहिए'''''''' और रघुपति राघव राजा राम'''''''' भजनों का गायन किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री रामचन्द्र भार्गव ने किया।

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